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Patna News: पटना में दो जगह छात्र प्रदर्शन उग्र, BPSC अभ्यर्थियों और नर्सिंग छात्रों की पुलिस से भिड़ंत

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना में मंगलवार को दो अलग-अलग छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में टकराव हुआ। डाकबंगला और आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी इलाके में स्थिति तनावपूर्ण रही।

पटना, 25 अगस्त। बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को छात्रों के अलग-अलग आंदोलनों के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। शहर में दो स्थानों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की घटनाएं सामने आईं। डाकबंगला चौराहे पर BPSC शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों में झड़प हुई, जबकि आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के पास नर्सिंग छात्रों के रिजल्ट और परीक्षा से जुड़ी शिकायतों को लेकर चल रहा प्रदर्शन भी देखते ही देखते उग्र हो गया।

दोनों घटनाओं में पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। डाकबंगला चौराहे पर स्थिति संभालने के लिए पुलिस को वाटर कैनन और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। दूसरी तरफ विश्वविद्यालय क्षेत्र में भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई।

BPSC अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में बिगड़ा माहौल

डाकबंगला चौराहे पर मंगलवार को बड़ी संख्या में BPSC और शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर जुटे थे। छात्र भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे।

प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उनका रास्ता रोक दिया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

कुछ ही देर में स्थिति ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। पुलिसकर्मियों को भीड़ को पीछे हटाने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

SDPO समेत पुलिसकर्मियों को चोट

हंगामे के दौरान एक SDPO समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई है। आरोप है कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया। एक पुलिस अधिकारी पर बांस से हमला किए जाने की भी सूचना है।

स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने की कोशिश की। इस दौरान कुछ छात्रों के भी चोटिल होने की जानकारी सामने आई है।

प्रदर्शन के बीच कुछ छात्राओं की तबीयत बिगड़ने और उनके बेहोश होने की भी सूचना मिली। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें भीड़ से बाहर निकाला।

दूसरी तरफ नर्सिंग छात्रों का आंदोलन भी उग्र

पटना में इसी दौरान दूसरी बड़ी घटना आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के आसपास हुई। यहां नर्सिंग छात्र परीक्षा और रिजल्ट से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

छात्रों का कहना है कि रिजल्ट में कथित गड़बड़ी और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतरे थे।

जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। इसके बाद धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई।

पुलिस पर मारपीट का आरोप

घटना के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों पर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप है। सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, कुछ पुलिसकर्मी भीड़ से बचने के लिए पीछे हटते दिखाई दिए।

इस घटना में एक थानेदार समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर लगाया गया।

प्रदर्शन के दौरान पथराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

दोनों जगह पुलिस ने संभाला मोर्चा

पटना में एक ही दिन दो अलग-अलग छात्र आंदोलनों के उग्र होने से पुलिस-प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती खड़ी हो गई।

डाकबंगला चौराहा राजधानी का प्रमुख यातायात क्षेत्र है। यहां प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के कारण काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। दूसरी ओर आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी के आसपास भी पुलिस को स्थिति सामान्य करने के लिए अतिरिक्त बल लगाना पड़ा।

प्रशासन की ओर से घटनाओं से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। हिंसा या पुलिसकर्मियों पर हमले में शामिल लोगों की पहचान के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

छात्रों की मांग और पुलिस कार्रवाई पर अलग-अलग दावे

दोनों घटनाओं में छात्रों और पुलिस की ओर से घटनाक्रम को अलग-अलग तरीके से देखा जा रहा है। छात्र जहां अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को जरूरी बता रहे हैं, वहीं पुलिस का फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।

ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टकराव की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और किस स्तर पर स्थिति नियंत्रण से बाहर गई।

भर्ती और परीक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ रहा दबाव

पटना की दोनों घटनाओं के पीछे छात्रों से जुड़े अलग-अलग मुद्दे हैं, लेकिन दोनों ही मामलों में शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं।

BPSC अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती और चयन प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहे हैं, जबकि नर्सिंग छात्र रिजल्ट और परीक्षा से संबंधित समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।

छात्र संगठनों की मांग है कि संबंधित विभाग उनकी शिकायतों पर स्पष्ट जवाब दें और लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान किया जाए।

छात्र आंदोलन को टकराव से बचाने के लिए संवाद जरूरी

पटना में मंगलवार की घटनाएं बताती हैं कि छात्रों की परीक्षा और भर्ती से जुड़ी समस्याएं कितनी संवेदनशील हो चुकी हैं। लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करना छात्रों का अधिकार है, लेकिन आंदोलन के दौरान हिंसा, पथराव या पुलिसकर्मियों पर हमला किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं माना जा सकता।

इसी तरह प्रशासन की जिम्मेदारी भी है कि प्रदर्शनकारियों की शिकायतों को सुना जाए और भीड़ को नियंत्रित करने में संयम बरता जाए। बल प्रयोग अंतिम विकल्प होना चाहिए।

BPSC अभ्यर्थियों और नर्सिंग छात्रों के मुद्दे अलग-अलग हैं, लेकिन समाधान का रास्ता दोनों मामलों में संवाद से ही निकल सकता है। यदि छात्रों, विभागीय अधिकारियों और प्रशासन के बीच नियमित बातचीत हो, तो सड़कों पर टकराव की स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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